स्मार्ट वर्क ( Smart work ) Vs हार्ड वर्क डिफरेंस और 5 स्मार्ट टिप्स

आज के इस Books Summary में आपको Smart work vs Hard work in hindi के बारे में बताऊंगा ! जोकि आज के समय काफी ज्यादा ट्रेंड में चल रहा है ! लोग कम effoct लगाकर और स्मार्ट वर्क करके अच्छे – खास पैसे कमा रहे है ! मार्किट में इसके ऑथर seeken सर है ! चलिए जानते है, smart work vs hard work difference in hindi में ! 

Smart work vs Hard work Difference in hindi


Smart work story in hindi –

में आपको एक स्टोरी के रूप समझाता हूँ ! सुमित और राहुल दो दोस्त थे. दोनों ने सेम कॉलेज से IT डिग्री कम्प्लीट की थी ! लेकिन दोनों को ही जॉब नही करनी थी। उन्हें अपना खुद का कुछ करना था !

इसीलिए दोनों ने अपने नाम के वेबसाइट डेवलपमेंट का बिज़नेस स्टार्ट किया ! स्टार्टअप शुरू होने के वजह से उन्होंने काम खुद से किये ! जैसे कि – खुद से क्लाइंट ढूढना, एडवरटाइजिंग करना , कोडिंग की, वेबसाइट की डिज़ाइन की क्लाइंट के रेक्विरेमेंट को समझना ऐसे बहुत सारे काम उन्होंने खुद से किये !

ऐसे करने से उनका बिज़नेस अच्छे से चल रहा था ! और साथ ही साथ उनका बिज़नेस ग्रो भी हो रहा था। इससे उनका प्रोजेक्ट की क्वांटिटी और इनकम दोनों ही बढ़ती जा रही थी ! दोनों ही सेम लेबल पे थे। सेम इनकम और सेम हैप्पीनेस के साथ लेकिन फिर अचानक सुमित को समझ आया कि उसे अपनी एफिशिएंसी बढ़ाने की बहुत ज्यादा नीड्स है !

क्युकी वह दिन में 18 – 18 घंटे काम करने के बाद भी क्लाइंट को टाइम पे वेबसाइट दे नही पा रहा थे  ! और न्यू क्लाइंट्स ला भी नही पा रहा था। उतना काम होने की वजह से इसीलिए सुमित ने अपना काम दुसरो से करने लगा ! उसे पता था कि उसका काम कोई और भी कर सकता है ! जैसे कि –

क्लाइंट्स के रिक्वेस्ट को समझना, उन्हें प्रोजेक्ट की उपडेट देना, मार्केटिंग करना, न्यू क्लाइंट्स लाना यह तक की कोडिंग और टेस्टिंग भी कर सकता है !

Smart work story in hindi

इसीलिए उसने एक – एक करके लोगो को हेयर करना स्टार्ट कर दिया ! स्टार्टिंग में उसे बहुत प्रॉब्लम आई लेकिन बाद उसे उसका फायदा भी दिखने लगा ! क्योकि पहले जो एक क्लाइंट पे 2 से 3 हप्ते लग जाते थे। वही काम अब 1 हप्ते के अंदर ही कम्प्लीट हो जाता है ! जिसके रिजल्ट वह और भी क्लाइंट्स ला पा रहे थे ! और इससे उनकी इनकम भी ग्रो होती जा रही थी ! बिना उसके स्ट्रेस को बढ़ाये !

दूसरी तरफ राहुल एक चीजे बार – बार करता जा रहा था ! जिसके वजह से अपना टाइम को ठीक से मैनेज नही कर पा रहा था ! बहुत सारा वर्क लोड होने की वजह से उसके प्रोजेक्ट टाइम पे कप्लीट नही हो पा रहे थे ! बहुत hard work करने के बाद भी जिससे कस्टमर बहुत गुस्सा हो रहे थे ! इससे उसकी इनकम भी कम होने लगी

और सबसे इम्पोरेन्ट चीज उसकी लाइफ का पूरा सकून ख़त्म हो गया ! इस आर्टिकल से आप क्या सिखाते है। जो में आपको आगे के स्टेप में बताता हूँ ! जिसे कहते है। smart work is key to success in hindi


Difference between hard work and smart work in hindi

Lession -1 Know thy time ( Efficiency versus Inefficiency ) – 

आज बहुत सारे होटल्स देखोगे तो Swiggy और Zomato कंपनी जैसे के साथ कंबाइन कर रही है ! अपने डिलवरी का मैनपावर एंड पैसे, टाइम सेव कर रहे है। प्लस यह बड़ी कंपनी इन्हे सेल करने में हेल्प कर रही है ! जो सब अकेले करना मुश्किल या स्टुपिड हो सकता है !

देखो फ्रेंड्स Lack of Direction Not Lack of Time is the Problem हमलोग कई बार स्टुपिड की तरह इतनी ज्यादा मेहनत और एफ्फिसिएंट कैसे कर सकते है ! इस पर ध्यान नही देते है। और हर बार खुद काम करके मेहनत करते जाते है। जो सही नही होता है ! देखो मेहनत करना जरुरी है। लेकिन Smart work के साथ

Example – अगर में आपसे पूछो की पिछले साल इसी टाइम पे आप क्या कर रहे थे ! तो जरा बताओ तो मैक्सिमम लोग इस क्वेश्चन का आंसर नही दे पायेगे ! क्योकि ऑथर कहते है की हमारी मेमरी इतना सुफ्फिसिएंट नही है ! अपने टाइम का ट्रक रखने में.

इसीलिए smart work करके अपने टाइम को और ज्यादा सुफ्फिसिएंट, इफेक्टिव बनाने के लिए हमें हर दिने के 4 से 5 घंटे ट्रैक करना चाहिए ! की हम वह कहा यूज़ कर रहे है ! कैसे स्पेंड कर रहे है। ताकि हमें पता चले की Time सही जगह पर यूज़ हो रहा है या नही और इसके बाद और भी ज्यादा एफ्फिसिएंट बनाने के लिए आप यह दो चीज कर सकते हो !

  1. Number -1  ऐसी चीज को ढूंढो या identify करो और एलिमिनेट करो जो आपको नही करना चाहिए !
  2. Number – 2 जो बची चीज करनी ही करनी चाहिए उनमे से कौन से काम आप उसे दुसरो से करवा सकते हो यह चेक करो जाये वह आपका पार्टनर हो या दोस्त हो या कोई पेड कोलैबोरेशन हो !

ऐसे ही में आपके साथ और भी कुछ बाते आपके साथ आगे शेयर करने वाला हूँ ! जो hard work करते रहने के बजाये smart work करने में हेल्प करेगी ! जो आपको बहुत पावरफुल इम्प्रूवमेंट ला सकता है ! आपके लाइफ में.

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Lession -2 First Thing First Important vs Urgent 

 

DSLR Camera

अपने DSLR Camera जरूर देखा होगा ! आपको यह भी पता होगा की उसके आगे अलग – अलग लेंसें लगते है। जो हमें अलग – अलग रेंज में फोटोज और वीडियोस करने में हेल्प करते है !

1 – अब DSLR में एक wide angle lens होती है। जिसका यूज़ करके आप ज्यादा से ज्यादा एरिया कैप्चर कर सकते हो ! यानि कहने का मतलब की आप एक बिग पिक्चर दिखा सकते हो !

2- अब एक standard lens होती है ! जो डिसेंस एरिया कैप्चर करती है। जो मोस्टली इंटरव्यू, पोर्ट्लेट सूट करने के लिए यूज़ होती है !

3- और लास्ट एक होती है ! Telephoto Lens जो दूर की चीजों को काफी पास से कैप्चर करने में  हेल्प करती है ! जो स्पोर्ट्स, वाइड लाइट फोटोग्राफ में यूज़ होती है !

ऐसी बाते में आपको क्यों बता रहा हूँ ? क्योकि DSLR Camera के एक्साम्प्ले से देखे तो मैक्सिमम लोग अपनी सारी जिंदगी Telephoto lens से ही गुजरते है ! मतलब अपने सारे दिन छोटी चीज जो उन्हें बड़ी दिख रही है, उसे करने में गुजर देते है ! क्योकि उन्हें अर्जेन्ट आई हुई चीजे और इम्पोरेन्ट चीजों में डिफरेंट समझ में नही आता है !

और वह अपनी कभी भी लाइफ को wide angle से अपने लाइफ के बिग पिक्चर को देख नही पाते है ! जो उन्हें smart work करने नही देता है ! बस hard work करता रहता है। और कामयाब होने से रोकता है !

स्टीव जॉब्स ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था ! अगर लाइफ में आगे बढ़ने के लिए फोकस करना बहुत जरुरी है !

Focusing is about saying no – no to less important things

Example – 1997 में एप्पल को 1.4 बिलियन का लॉस हुआ था ! इसीलिए स्टीव जॉब्स ऑब्ज़र्वर करने लगे ! ऐसा क्या चीज है, जिससे लॉस हो रहा है ! इस पे गौर से स्टडी करने के बाद उन्हें पता चला की Apple जो मार्किट में आ रहे रेंडम – कंप्यूटर और कम्प्यूटर्स के समाना बना रही थी ! उनमे से कही प्रोडक्ट के अलग – अलग वर्शन क्रीट करती जा रही थी। दिखने में अर्जेन्ट लग रहे थे। अच्छे लग रहे थे, वही प्रॉब्लम थी !

क्योकि वह प्रोडक्ट कही न कही प्रॉफिट कमाने के लिए बनाये गए थे ! कुछ ज्यादा न्यू वैल्यू ऐड नही कर रहे थे कस्टमर के लिए इसीलिए स्टीव जॉब्स ने डिसाइड किया ! एप्पल मार्किट में आई नई चीजों पर ध्यान देने के बजाये अर्जेन्ट बेस पर बनाकर कोई भी प्रोडक्ट लंच नही करेगा ! इनफैक्ट एक स्टेप आगे जाकर उन्होंने डिसाइड किया कि वह 70 % प्रोडक्ट को बनाना बंद कर देंगे अपनी कंपनी में सिर्फ वह डेस्कटॉप और कोडेबल डिवाइस पर अपना फोकस करेंगे  !

जो एक्चुअल में इम्पोर्टेन्ट एंड वैल्युएबल था ! मतलब 10 अलग – अलग चीज पर काम या फोकस देने के बजाये बस 2 सबसे इम्पोर्टेन्ट चीजे बेस्ट तरीके से बनाना सच कहुँ तो इसी एक लाइन को अच्छे से फॉलो करनी की वजह से एप्पल वापस से इतनी बड़ी कंपनी बन पाई !

देखो फ्रेंड्स कई बार हम अर्जेंट चीजों को इम्पोर्टेन्ट समझकर एक्चुअल में जो चीज इम्पोर्टेन्ट है ! उस पर फोकस नही करते है। और अपना नुसकान कर लेते है ! इसीलिए स्टीव जॉब्स की यह बात जरूर याद रखो !

Deciding what not to do is as important as desiding what to do its true for companies, and its true for products


Lession – 3 Focus on new technology ( new vs old wavs ) –

पहले के टाइम लोग नौकरी सर्च करने के लिए बहुत मेहनत करते थे ! जगह – जगह जाते थे, पैसे खर्च करते थे, बस और ट्रैन के धक्के खाते थे, धूप और बारिश से परेशान होते थे और कई बार इतने सारे प्रसाय करने के बाद भी दिन में एक ही इंटरव्यू दे पाते थे !

लेकिन आज एक इंसान घर बैठे 100 ऑफ़ जॉब्स इंटरनेट पर इंटरव्यू दे सकता है ! यह तक की वह ऑनलाइन काम भी कर सकता है ! जो आज के समय लोग covide 19 में कर भी रहे है  ! ऐसे ही हर फील्ड में आप देखोगे तो चीजे काफी आसान हो गईं है !

Ola से लोग घर बैठे गाड़ी बुक कर देते है ! बहार रास्ते पर जाये बिना ऐसे ही आप बिना बहार जाये बिना आप जोमाटो से फ़ूड ऑडर्र कर सकते हो ! ऐसे बहुत सारे चीजे है !

now यह सब पॉसिबले हुआ है ! टेक्नोलॉजी की हेल्प से अच्छा आप बताओ की इनमे से कौनसा इंसान ज्यादा समझदार है ! और किसको जल्दी जॉब मिल सकती है !

फ़ास्ट वह इंसान जो इंटरनेट मोबाइल यूज़ करने को स्टुपिड बोलता है ! और खुद से जगह – जगह जाके पूछता है। जॉब है या नही इंटरव्यूज देता है। या फिर एक इंसान मेहनत तो जरूर करता है। लेकिन जगह – जगह जाके के नही बल्कि इंटरनेट पर रिसर्च करके, मोबाइल अलग – लग कम्पनीज को कॉल करके उन्हें इंटरव्यूज देके !

ऑलमोस्ट हर इंसान पहले वाले को ही स्टुपिड बोलेगा ! लेकिन सच तो यह है. आज भी कई लोग ऐसे ही सेम गलती करते है !

एक्साम्प्ले – जो लोग ट्रैन से ट्रैवल करते है ! अपने पास एंड्राइड मोबाइल रखते है। लेकिन फिर वह रेलवे स्टेशन पर लाइन लगाकर टिकट ख़रीदे है ! हमेशा बजाये एक बार smart card लेने के, या UTS जैसे APP का यूज़ करने के !

ऐसे ही हर फील्ड में आप देखोगे तो लोग स्टुपिड hard work करते है  ! जो करना जरुरी नही होता है। इसीलिए प्लीज आप smart work करो और अपना टाइम और एनर्जी सेव करो टेक्नोलॉजी का यूज़ करके ! वह भी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का जो आपको हेल्प करेगी और आपको आगे बढ़ने में मदद भी करेगी  !


Lession -4 Staying busy ( Busy vs prodcutive ) – 

ऑथर ने एक मैनेजर से मिले जो हमेशा बिजी रहते थे ! उनके लिए अपनी फॅमिली और बच्चो के लिए भी टाइम नही रहता था ! उनका सारा टाइम कॉल करने में प्रोडक्ट से डिलवरी हैंडल करने में और कंपनी के इम्पोर्टेन्ट क्लाइंट्स से मिलने में टाइम चला जाता था ! अगर आप भी उन्हें देखते तो सच में आपको भी लगता था। कि सच में इस बन्दे के पास टाइम नहीं है  !

लेकिन सच तो यह था कि वह जो काम करते थे। वह उनके काम थे ही नही जैस कि – प्रोडक्ट का ट्रैक रखना, सबको कॉल करना, इत्यादि – इत्यादि जब उनके सेक्रेटरी ने उनका वह टाइम कहा स्पेंड करते है ! वह दिखाया तब जाके भरोसा हुआ कि इनमे से कितने सारे काम कोई और कर सकता है ! जिससे उन्हें फ्री टाइम मिलेगा। जो वह अपने फॅमिली और फ्रेंड्स के लिए यूज़ कर सकते है !

देखो फ्रेंड्स हम लोग अपना बहुत सारा टाइम बिजी रहकर बिता देते है ! जो काम करने में 3 से 4 घंटे लगते है। उसके लिए हम पूरा दिन ले लेते है ! अलग – अलग काम करके एक्चुअल यह स्टुपिड होता है !

कुछ prodcutive होने के लिए आपको दिन – रात मेहनत करने की नीड्स नही है ! बल्कि हम प्लान करके काम स्टार्ट करे, deep work करे मतलब फूल फोकस के साथ बिना डेस्ट्रोएड हुए ! बस एक काम को करे तो हम पूरे एक दिन के काम को 1 से 2 घंटे में कर सकते है !

Plan Work 

  • Deep Work
  • Team Work
  • Focus Work

smart work करने के लिए याद रखो ! की हमेशा एक टाइम पर एक ही चीज पर फोकस डालो बिना मोबाइल और ईमेल चेक किये बिना ! इससे आपके काम जल्दी होंगे और आपके पास टाइम बच सकेंगे ! जो टाइम आप अपने फॅमिली और फ्रेंड्स के साथ बिता सकते हो ! जो बहुत इम्पोर्टेन्ट होता है !


Lession – 5 Focus on Opportunity ( smart decisions vs emotional decisions ) –

मुकेश अंबानी जब जिओ को स्टार्ट कर रहे थे ! तो उन्हें मार्किट की दो बड़ी प्रोब्लेम्स पता थी !

  1. फ़ास्ट यह कि सारी मोबाइल नेटवर्क कंपनी कॉल रेट्स के लिए लड़ रही थी !
  2. सेकंड मोबाइल डाटा बहुत ज्यादा प्राइस में सेल हो रहा था ! जो कस्टमर को पसंद नही था।

now अगर वह भी नॉर्मली सोचते तो वह भी दूसरी कंपनी के साथ कॉल्स रेट्स के लिए लड़ाई करते और डेटा से कमाते hard work करके मार्किट में जगह बनाने की कोशिश करते ! लेकिन ऐसा नही हुआ। उन्होंने smart desision लेकर इसका विपरीत किया !

उन्होंने कमाने और कम्पीट करने के बजाये सीधा डेटा और कॉल्स फ्री कर दिए ! जिससे पूरा गेम बदल गया। जिसकी वजह से आज जिओ इंडिया का बिगेस्ट टेलिकॉम प्लेयर बन गया है !

अभी रिसेंटली 15 जुलाई 2020 को रिलायंस pandemic सिचुएशन को देखते हुए डिजिटल मीटिंग और डिजिटल एजुकेशन को समझते हुए जिओ ग्लास का अनाउंसमेंट किया !

ऐसे ही इंडिया फ़ोन की डिमांड को देखते हुए ! जिओ जल्दी ही Google के साथ मिलके Android base operating system को बना रहा है ! और उनके 5 G फ़ोन को लंच करने वाला है ! ऐसे ही मुकेश अम्बानी सर ओप्पोर्तुनिटी को देखकर smart action लेते है !

ऐसे ही जिओ के ओप्पोर्तुनिटी को देखकर smart desision लेने की वजह से ही आज कई बड़ी – बड़ी कम्पनीज जैसे – गूगल फेसबुक करोडो रुपये इन्वेस्ट कर रही है इस पान्डेमिक के टाइम में भी !

देखो फ्रेंड्स पान्डेमिक सिचुएशन में बहुत से लोग बहुत सारे स्ट्रेस से गुजर रहे है ! और इमोशन में आकर बहुत सारे गलत डिसीजन ले रहे है ! यह तक की सुसाइड भी कर रहे है। लेकिन सच तो यह है लाइफ में उतर – चढ़ाव आते ही रहते है। और यह सिचुएशन बहुत बुरी सिचुएशन में भी आपका फोकस ओप्पोर्तुनिटी पर होना चाहिए न कि प्रोब्लेम्स पर

क्योकि smart work वही करता है ! जो smart desision लेता है। और smart desision वही लेता है, जो प्रॉब्लम पे नही बल्कि ओप्पोर्तुनिटी पर फोकस करता है ! अंबानी जैसे स्मार्ट लोगो जैसा –

मुकेश अंबानी सर की बायोग्राफी पढ़े हिंदी में 


मैंने आपको जो भी 5 पॉइंट्स बातये है ! वह मैंने Effective Executive के बुक्स से बताई है। अगर आपको और भी पॉइंट्स के बारे में जानना है तो में आपको नीचे लिंक प्रोवाइड कर दूंगा ! जिससे आप पढ़कर और भी इसके पॉइंट्स के बारे में जान सकते है !

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बुक्स 


Conclusion [ निष्कर्ष ] -:

यह थे 5 पॉइंटस जो smart work vs hard work difference in hindi के बारे में आपको जानने को मिला ! यह आर्टिकल आपको कैसा लगा आप हमें कमेंट करके जरूर बताये ! या कोई सवाल हो या कोई गलती हो तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है !

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आपको यह भी पढ़ना चाहिए –
  1. 2020 में डिमांडेड स्किल्स के बारे में जाने 
  2. बिज़नेस क्या जाने विस्तार से 
—- थैंक्स फॉर रीडिंग —-

Roshan kumar

मै इस ब्लॉग का संस्थापक हूँ। मुझे बिज़नेस स्किल्स, बिज़नेस बुक्स तथा स्टार्टअप बिज़नेस के बारे में सीखना अच्छा लगता है ! इसीलिए में इसकी जानकारी लोगो को हिंदी में देता हूँ। जिससे वह एक सक्सेसफुल बिज़नेस की शुरवात कर सके ! ❤

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